Thane police and matka Club's
मुंबई पुलिस का जुआ क्लब और मटका धंधों पर शिकंजा, ठाणे-कलवा में पुलिस सुस्त या नजरअंदाज?
मुंबई में जहां जुआ क्लब और मटका जैसे अवैध धंधों पर पुलिस ने सख्ती दिखानी शुरू कर दी है, वहीं ठाणे नगर पुलिस थाना और कलवा पुलिस थाना क्षेत्र में खुलेआम इन गैरकानूनी गतिविधियों का कारोबार धड़ल्ले से जारी है। हैरानी की बात यह है कि यह सब ठाणे सिटी पुलिस आयुक्त के नाक के नीचे हो रहा है, फिर भी कार्रवाई न के बराबर नजर आ रही है।
सन 2022 में “आज का महानगर” की शिकायत के बाद ठाणे नगर पुलिस थाना क्षेत्र में आने वाले अनंता जुआ क्लब को सील किया गया था। लेकिन कुछ ही समय बाद यह क्लब दोबारा शुरू हो गया। इससे यह सवाल उठना लाजमी है कि क्या उस समय की गई कार्रवाई केवल औपचारिकता थी?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ठाणे स्टेशन रोड पर “नागरिक शो रूम” की गली में स्थित “वेस्टर्न प्लाजा” इमारत में पहली से चौथी मंजिल तक बड़े पैमाने पर 24×7 जुआ (गैंबलिंग) क्लब संचालित किया जा रहा है। इसके कुछ ही दूरी पर “एकवीरा क्लब” भी लगातार 24 घंटे धड़ल्ले से चल रहा है। इतने बड़े स्तर पर चल रहे इस अवैध कारोबार को आखिर किसका संरक्षण प्राप्त है, यह एक गंभीर प्रश्न बन चुका है।
इसी प्रकार, कलवा पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत “नेशनल बियर बार” की गली में आचार संहिता की खुलेआम धज्जियां उड़ाते हुए मटका संचालित किया गया था और आज तक यह धंधा बेखौफ जारी है। यह स्थिति स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि संबंधित क्षेत्र में कानून का भय समाप्त हो चुका है या फिर उसे समाप्त होने दिया गया है।
सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न यह है कि ठाणे पुलिस और कलवा पुलिस इन अवैध धंधों पर प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं कर पा रही हैं? क्या यह मात्र लापरवाही है या फिर इसके पीछे किसी प्रकार की मिलीभगत कार्य कर रही है? इस पूरे प्रकरण में पुलिस की भूमिका स्वतः ही संदेह के घेरे में आती जा रही है।
“आज का महानगर” की शिकायत पर ठाणे सिटी डीसीपी क्राइम यूनिट-1 Sachin Gaikwad को 5 फरवरी 2026 को महाराष्ट्र गृह मंत्रालय द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि ठाणे और कलवा क्षेत्र में संचालित गैंबलिंग क्लब और मटका धंधों पर तत्काल रोक लगाकर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
Thane DCP Crime unit 1
अब देखना यह होगा कि ठाणे डीसीपी यूनिट-1 इन आदेशों का पालन करते हुए इन अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाती है या फिर यह धंधे इसी प्रकार निर्बाध रूप से चलते रहेंगे। यदि आदेशों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती है, तो यह केवल प्रशासनिक विफलता नहीं बल्कि कानून व्यवस्था पर एक गंभीर प्रश्नचिह्न होगा। आज का महानगर
Editor-in-Chief की विशेष रिपोर्ट

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