WARD 211 BMC
S दक्षिण मुंबई Agripada Police Station में झोपड़े का झोल गरीबों के झोपड़े अमीरों के नाम South Mumbai 5March 2025
Builder Madan pura slum hut BMC E WARD Ward 211 Corporator Raise Shaikh
लंबे समय से मुंबई से झोपड़ों को हटाने की सरकारी मुहिम चल रही है , झोपड़पट्टी में रहने वालों को सरकारी स्कीम का फायदा मिले न मिले लेकिन इस से प्राइवेट बिल्डर लाबी ने जम कर मलाई खाई है यही वजह है कि मुंबई और मुंबई सटे इलाकों में हजारों झोपड़पट्टी धारकों की फाइलें बिल्डरों ने अपने अपने प्रोजेक्ट में शामिल कर के करोड़ों काम रहे हैं। South Mumbai
मुंबई के ई वार्ड के अंतर्गत नागपाडा Nagpada से आग्रिपड़ा रे रोड इलाकों में मौजूद झोपड़ों को बिल्डर कौड़ियों के दाम पर लेकर उसे महंगी कीमतों पर बेच रहे हैं चूंकि इन झोपड़ों की फाइलों को बिल्डर अपने प्रोजेक्ट में फ्लैट देकर उसे बाजार की कीमत पर बेच रहे हैं और सरकार से इसके लिए अलग से fsi भी ले रहे हैं मतलब साफ है कि बिल्डर दोनों हाथों से झोपड़ी की फाइलों से लूट मार कर रहे हैं।
मुंबई के मझगांव में स्थित अल्फा माना रेजिडेंसी भी इसी से झोपड़े की झोल वाली सेटिंग के कॉकटेल की जीती कहती मिसाल है यहां बीएमसी के दस्तावेजों के अनुसार 20 झोपड़ा धारकों को घर दिए गए हैं लेकिन जब हमने यहां का जायजा लिया तो पता चला कि झोपडेवालों का यहां दूर दूर तक कोई आता पता नहीं है बल्कि उन घरों में कोई और ही रह रहा है और मतलब साफ है इस प्रोजेक्ट के बिल्डरों ने झोपड़ा धारकों को टोपी दूसरों को पहना दी और बदले में मार्केट की कीमत के मुताबिक हम कर मलाई बटोरी है।
दरअसल, ए एम रेजिडेंसी के ऊपर यह आरोप लग रहा है कि बिल्डर सलीम मोटरवाला Salim Motor Walaऔर उनके पार्टनर सुहैल इश्क़ Suhel Ishq ने बड़े पैमाने पर घोटाला किया है। अल्फा माने ग्रुप Alafa Mane Group ने बीएमसी ई वार्ड को एक पत्र लिखकर अपने प्रोजेक्ट में चुने गए 20 झोपड़ा मालिकों को घर देने की इच्छा जाहिर की, और ई वार्ड ने उसे स्वीकार भी कर लिया है इन 20 झोपड़ीवासियों को घर देने के बदले बिल्डर को भारी एफ.एस.आई. मिली। लेकिन सवाल यही है कि क्या यह घर झोपड़वासियों को दिए गए हैं।
क्योंकि जो जा करी हमें मिली है उसने उस बात का खुलासा हुआ है कि
जिस दिन ए एम रेजिडेंसी AM Residency में नए झोपड़ा मालिकों के घर के रजिस्टर Rajistar किए गए, उसी दिन उन सभी 20 झोपड़ों की फाइलों के घरों को केवल 14 लाख रुपये 14th Lakh में बेचा बताकर बिल्डर और उनके परिवारवालों Family के नाम ट्रांसफर Name Transfer कर दिया गया, और अब यह सभी 20 घर मार्केट रेट Market Rat से बेचे जा रहे हैं।इस से बिल्डर ने एक ही झटके में करोड़ों के वारे न्यारे कर लिए और fsi अलग से ले ली।अब ऐसे में अहम सवाल यह उठता है कि जिन्हें यह फ्लैट बेचे गए हैं क्या उन लोगों को यह मालूम है कि उन्होंने झोपड़े वाली स्कीम Sceam में मिले घर खरीदे या बिल्डर के घर क्योंकि कार्रवाई की जद में न केवल बिल्डर रहेगा बल्कि वह सभी लोग रहेंगे जिन्होंने झोपड़े के बदले में मिलने वाले फ्लैट खरीदे हैं।
जिन झोपड़े में रहने वालों ने अपनी पूरी जिंदगी Footpath फुटपाथ पर बिताई है उनके झोपड़े दस से 14 लाख रुपए में खरीदकर उनके बदले में मिलने वाले घर करोड़ों के बेचे का रहे हैं और कहा जा रहा है कि इस में समाजवादी पार्टी Samaj Wadi Party के और बीजेपी के करीबी विधायक रईस शेख Rais Shaikh की अहम भूमिका है क्योंकि वह यहीं से कॉर्पोरेट Corporator Raise Shaikh भी थे और उससे पहले बिल्डरों के लाइज़नर रहे उन्होंने बिल्डरों को इसका फायदा पहचाने के लिए उनके झोपड़ों को औने पौने भाव में लेने और बीएमसी BMC से सेटिंग कर बिल्डर की झोली में पहुंचाने का काम किया है इस तरह से इस इलाके से सैकड़ों झोपड़ों की बलि देकर उन्हें मुंबई से बाहर कर के un के ही कंधे पर पैर रख कर बिल्डर,नेता और बीएमसी ने जमकर मलाई खाई है।
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