Yogesh Ramdas kadam minister
A crucial review meeting was held today at Mantralaya, Mumbai, to make the Food and Drug Administration (FDA) department more transparent, dynamic, and citizen-centric.
During the meeting, clear instructions were given to officials regarding manpower, new recruitment, and the effective use of Artificial Intelligence (AI) in the department’s functioning.
With the implementation of AI-based systems, the process of obtaining food and drug licenses will become faster and more convenient. Modern AI tracking technology will also be used to detect counterfeit medicines and food adulteration. Additionally, it was announced that a 24/7 AI chatbot service will be developed to assist citizens with complaints and information.
Overall, we are committed to delivering safe, transparent, and accessible services to the people of Maharashtra by integrating smart technology with efficient governance.
खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) विभाग को अधिक पारदर्शी, गतिशील और नागरिक-केंद्रित बनाने के उद्देश्य से आज मुंबई स्थित मंत्रालय में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक के दौरान, अधिकारियों को मानव संसाधन, नई भर्तियों और विभाग के कामकाज में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के प्रभावी उपयोग के संबंध में स्पष्ट निर्देश दिए गए।
एआई-आधारित प्रणालियों के कार्यान्वयन से खाद्य एवं औषधि लाइसेंस प्राप्त करने की प्रक्रिया तेज और अधिक सुविधाजनक हो जाएगी। आधुनिक एआई ट्रैकिंग तकनीक का उपयोग नकली दवाओं और खाद्य पदार्थों में मिलावट का पता लगाने के लिए भी किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, यह घोषणा की गई कि नागरिकों को शिकायतों और सूचनाओं में सहायता के लिए 24/7 एआई चैटबॉट सेवा विकसित की जाएगी।
कुल मिलाकर, हम कुशल शासन के साथ स्मार्ट तकनीक को एकीकृत करके महाराष्ट्र के लोगों को सुरक्षित, पारदर्शी और सुलभ सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
अन्न आणि औषध प्रशासन (FDA) विभाग अधिक पारदर्शक, गतिमान आणि नागरिकाभिमुख करण्यासाठी आज मंत्रालय, मुंबई येथे महत्त्वपूर्ण आढावा बैठक घेतली.
या बैठकीत मनुष्यबळ, नवीन पदभरती आणि विभागाच्या कामकाजात Artificial Intelligence (AI) चा प्रभावी वापर करण्याबाबत अधिकाऱ्यांना स्पष्ट सूचना दिल्या.
AI आधारित प्रणालीमुळे अन्न व औषध परवाना प्रक्रिया अधिक जलद आणि सुलभ होणार असून बनावट औषधे व अन्नातील भेसळ शोधण्यासाठी आधुनिक AI ट्रॅकिंगचा वापर केला जाईल. तसेच नागरिकांच्या तक्रारी व माहितीसाठी २४/७ AI चॅटबॉट सेवा विकसित करण्यात येणार असल्याचे यावेळी स्पष्ट केले.
एकूणच 'स्मार्ट तंत्रज्ञान' आणि 'कार्यक्षम प्रशासन' यांचा संगम घडवत महाराष्ट्रातील जनतेला सुरक्षित, पारदर्शक आणि सुलभ सेवा देण्यासाठी आम्ही कटिबद्ध आहोत.
मंत्रालय, मुंबई | २१ मे २०२६


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